Jamshedpur Health Alert: बारिश के बाद वायरल फीवर का प्रकोप, MGM अस्पताल में पहुंचे 1,444 मरीज

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दो दिन की छुट्टी के बाद OPD खुलते ही उमड़ी भीड़, वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और पेट की बीमारी के मरीज सबसे ज्यादा

जमशेदपुर: लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलजमाव के बीच अब बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। बारिश के बाद वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और पेट से जुड़ी शिकायतों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को एमजीएम अस्पताल का ओपीडी खुला तो बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच गए।

सुबह से ही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर और अलग-अलग ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली। भीड़ को संभालने के लिए अस्पताल प्रबंधन को होमगार्ड के जवानों की मदद लेनी पड़ी।

सामान्य दिनों से 244 ज्यादा मरीज पहुंचे

एमजीएम अस्पताल में सोमवार को विभिन्न विभागों के ओपीडी में कुल 1,444 मरीजों ने इलाज कराया। सामान्य दिनों में यह संख्या करीब 1,200 के आसपास रहती है। यानी सोमवार को मरीजों की संख्या सामान्य से काफी अधिक रही। वहीं, सदर अस्पताल में भी 300 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंचे।

मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा मरीज

एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ। आम दिनों में यहां करीब 180 से 190 मरीज आते हैं, जबकि सोमवार को यह आंकड़ा बढ़कर 244 पहुंच गया। इनमें वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। इसके अलावा सर्दी-खांसी और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ भी बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे।

बच्चों और त्वचा रोग के मरीज भी बढ़े

बारिश का असर बच्चों की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है। एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग में 182 बच्चों का इलाज किया गया। वहीं, चर्म रोग विभाग में 187 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव और लगातार बारिश के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

जलजमाव और गंदगी से संक्रमण का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। पानी जमा होने और आसपास गंदगी रहने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है।

डॉक्टर ने सावधानी बरतने की दी सलाह

शिशु रोग विभाग के डॉ. राघवेंद्र के अनुसार, बरसात के मौसम में वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने, साफ पानी पीने और आसपास जलजमाव नहीं होने देने की अपील की। डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि बुखार, लगातार खांसी, कमजोरी या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। बारिश का दौर जारी रहने के बीच स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन के सामने अब बढ़ते मरीजों की संख्या को संभालने के साथ मौसमी बीमारियों से बचाव की चुनौती भी है।

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