मंत्री बोलीं- छात्रों की जायज मांगों पर सरकार गंभीर, TDPL परीक्षा की CID जांच; जरूरत पड़ी तो वित्तीय मामलों में ED से भी सहयोग लिया जाएगा

रांची: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और झारखंड सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता होने जा रही है। बातचीत से पहले कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर गंभीर है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि आज होने वाली बैठक में छात्रों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की दिशा में चर्चा होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामलों की जांच राज्य की जांच एजेंसी CID करेगी।
TDPL परीक्षा की CID जांच
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी TDPL से जुड़े मामले समेत अन्य शिकायतों की जांच CID के स्तर पर की जाएगी। अगर जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े ऐसे पहलू सामने आते हैं, जिनमें केंद्रीय एजेंसी की जरूरत महसूस होती है, तो ED से सहयोग लेने का आग्रह भी किया जा सकता है।
CGL नियुक्तियों पर सरकार के सामने बड़ी चुनौती
JSSC-CGL परीक्षा और इससे हुई नियुक्तियों को लेकर भी मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि छात्रों की इस मांग और उनकी चिंताओं को सरकार गंभीरता से समझ रही है।
हालांकि, CGL का परिणाम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद जारी किया जा चुका है और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी दिए जा चुके हैं। कई चयनित उम्मीदवार एक साल से ज्यादा समय से सरकारी सेवा में काम कर रहे हैं। ऐसे में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना आसान फैसला नहीं होगा।
फिर भी मंत्री ने कहा कि तीसरे दौर की बातचीत में CGL के मुद्दे पर छात्रों के साथ गंभीरता से चर्चा की जाएगी और सरकार उनकी बात सुनेगी।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की तैयारी
मंत्री ने कहा कि छात्र आंदोलन के पीछे सबसे बड़ी चिंता भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर है। सरकार अब परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक सुधार की तैयारी कर रही है।
इसके लिए IIT, ISM, XLRI और XISS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल कर एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह समिति छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर नई परीक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर सकती है।
सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावना कम से कम हो और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ने का अवसर मिले।
दोपहर 2 बजे के बाद वार्ता
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के मुताबिक, आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीसरे दौर की बातचीत दोपहर 2 बजे के बाद होगी। बैठक में CGL, परीक्षा में कथित अनियमितताओं, जांच और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि तीसरे दौर की वार्ता में सरकार और छात्रों के बीच कितनी सहमति बनती है। छात्रों की ओर से लगातार ठोस फैसलों की मांग की जा रही है, जबकि सरकार बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रही है।

