जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर युवक हिमांशु सिंह की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमशेदपुर के एसएसपी और सरायकेला के एसपी के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डीडी बार (डबल डाउन बार) के बाहर छेड़खानी का विरोध करने पर युवक हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालों और जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडेय और सरायकेला के पुलिस अधीक्षक (SP) को उनके पद से हटा दिया गया है। सरकार ने दोनों अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
तीन वरिष्ठ अधिकारी करेंगे जमशेदपुर में कैंप
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने रांची जोन के एडीजी मनोज कौशिक, डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और चाईबासा के आयुक्त को तत्काल जमशेदपुर में कैंप करने का निर्देश दिया है। ये अधिकारी मौके पर रहकर पूरे घटनाक्रम की निगरानी करेंगे और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना शनिवार रात बिष्टुपुर स्थित डीडी क्लब (डबल डाउन बार) के बाहर हुई। जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय हिमांशु सिंह अपने दोस्त प्रत्यूष सिंह के साथ बार में मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा एक महिला से कथित छेड़खानी की जा रही थी, जिसका हिमांशु ने विरोध किया।
विरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। बार के बाउंसर्स ने दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया। आरोप है कि बाहर पहले से घात लगाए हमलावरों ने हिमांशु और प्रत्यूष पर लाठी-डंडों से हमला किया और बाद में चाकू से कई वार किए।
गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान सोमवार शाम मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया गया है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस वैन के पास से हिमांशु को खींचकर चाकू से हमला किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया।
इस घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर को जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी के वाहन में भी तोड़फोड़ की।
सरकार का सख्त संदेश
लगातार बढ़ते जनाक्रोश और कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब मामले की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों की टीम करेगी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।

