रांची : आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह पर घर के स्टाफ के साथ मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों के बीच अब शशांक सिंह का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि संबंधित व्यक्ति रसोइया नहीं था और उसे चोरी की नीयत से घर में आने का शक है।

क्या बोले शशांक सिंह?
मीडिया से बातचीत में शशांक सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है, वह खुद को रसोइया बताकर उनके घर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना नहीं आता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह घर में वीडियो और फोटो बना रहा था और निजी कमरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। शशांक ने कहा कि इन्हीं गतिविधियों के कारण उन्हें शक हुआ कि वह चोरी की मंशा से आया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न तो उसे बंधक बनाया गया और न ही उसके साथ किसी तरह की मारपीट की गई।
‘मैं गाली-गलौज भी नहीं करता’
मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शशांक सिंह ने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा नहीं है कि वे किसी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, “मैं तो गाली-गलौज करने से भी हिचकिचाता हूं। हाथापाई करने का सवाल ही नहीं उठता। जब हमने उसे फोटो और वीडियो बनाते हुए देखा, तो मेरी बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने की बात कही थी, लेकिन उसने माफी मांगी, इसलिए हमने उसे जाने दिया।”
शशांक ने यह भी बताया कि अभी तक पुलिस ने उनसे इस मामले में कोई संपर्क नहीं किया है।
क्या है शिकायत?
31 वर्षीय विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें 15 हजार रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी का भरोसा देकर शशांक सिंह के घर काम पर रखा गया था।शिकायतकर्ता का कहना है कि काम के दौरान खाने के स्वाद को लेकर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया, गाली-गलौज की गई और उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खराब माहौल के कारण जब उन्होंने नौकरी छोड़ने की कोशिश की, तो उन्हें प्रताड़ित किया गया।
मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई
पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में शिकायतकर्ता के चेहरे पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। इसके आधार पर रतीबाद थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गाली-गलौज, जानबूझकर चोट पहुंचाने और अन्य प्रावधानों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शशांक सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है, जबकि शिकायतकर्ता अपने आरोपों पर कायम हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

