AI-171 Crash Anniversary: Key AAIB Report Expected, Mystery Behind 36-Second Disaster May Be Revealed
मुंबई: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 से जुड़े भीषण विमान हादसे की पहली बरसी पर देश की नजरें विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि AAIB शुक्रवार को इस हादसे पर अपनी अंतरिम या अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकता है।
यह हादसा पिछले वर्ष अहमदाबाद में हुआ था, जब एयर इंडिया का बोइंग 787 विमान उड़ान भरने के महज 36 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। यह भारत के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।
सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में उन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की संभावना है जो पिछले एक साल से चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के फ्यूल कटऑफ स्विच में बदलाव क्यों हुआ और क्या यह दुर्घटना का प्रमुख कारण था।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिपोर्ट में तकनीकी खामी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण की पुष्टि होती है, तो इससे भविष्य में विमान सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों के अनुसार, यदि किसी विमान दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट 12 महीनों के भीतर जारी नहीं की जा सकती, तो संबंधित देश को एक अंतरिम रिपोर्ट या प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होती है। इसमें जांच की वर्तमान स्थिति, सामने आए सुरक्षा संबंधी मुद्दों और अब तक जुटाए गए तथ्यों की जानकारी दी जाती है।
ऐसे में एयर इंडिया AI-171 हादसे की पहली बरसी पर जारी होने वाली यह रिपोर्ट न सिर्फ पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि पूरे विमानन क्षेत्र के लिए भी कई अहम सवालों के जवाब लेकर आ सकती है।

अब सभी की निगाहें AAIB की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आखिर टेकऑफ के सिर्फ 36 सेकंड बाद विमान के साथ ऐसा क्या हुआ जिसने 260 लोगों की जान ले ली।
पायलटों की लड़ाई लड़ रहा FIP
FIP ने जांच में ज्यादा पायलट, इंजीनियर और फ्लाइट सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की है. संगठन का कहना है कि पिछले एक साल में इस संबंध में 20 से ज्यादा पत्र सरकार और जांच एजेंसियों को भेजे गए हैं.



