आपके TOOTHPASTE में ज़हर है ? दिल्ली में नकली टूथपेस्ट का बड़ा खुलासा !

0
179
Fake toothpaste Delhi raid
Share This Post

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने द्वारका और कंजावला (Kanjhawala) इलाकों में चल रहे बड़े नकली प्रोडक्ट रैकेट का पर्दाफाश किया है । यह Fake toothpaste Delhi raid उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए अलार्म है जो रोजाना ब्रांडेड टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस ने कंजावला में एक ऐसी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जहां सेन्सोडाइन (Sensodyne) जैसे मल्टीनेशनल ब्रांड्स के नाम पर एक्सपायर्ड और नकली प्रोडक्ट्स को नए पैक में बेचा जा रहा था । वहीं द्वारका में एक्सपायर्ड फूड और बेवरेज प्रोडक्ट्स को नई एक्सपायरी डेट लगाकर बाजार में भेजने का मामला भी सामने आया । आइए जानते हैं इस Fake toothpaste Delhi raid से जुड़ी हर अहम बात।

Fake toothpaste Delhi raid: कैसे चल रहा था यह खेल?

Fake toothpaste Delhi raid

Fake toothpaste Delhi raid में पुलिस ने कंजावला के महावीर विहार स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, जहां नकली टूथपेस्ट बनाने का कारखाना चल रहा था 

कंजावला में नकली टूथपेस्ट फैक्ट्री

पुलिस को सूचना मिली थी कि एक फैक्ट्री में सस्ते केमिकल और ट्यूबों का इस्तेमाल कर नकली टूथपेस्ट बनाया जा रहा है । छापेमारी में पुलिस ने 58 वर्षीय हरि ओम मिश्रा (Hari Om Mishra) को गिरफ्तार किया, जो रोहिणी का रहने वाला है 

जांच में सामने आया कि आरोपी:

  • एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके प्रोडक्ट्स को इकट्ठा करते थे
  • उन पर फर्जी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छापते थे
  • खाली ट्यूब्स में घटिया और अस्वच्छ पेस्ट भरते थे
  • मशीन से सील कर इन्हें ब्रांडेड टूथपेस्ट के रूप में बाजार में बेचते थे 

यानी जो लोग महंगे और भरोसेमंद ब्रांड समझकर ये प्रोडक्ट खरीद रहे थे, वे असल में नकली और खतरनाक सामान इस्तेमाल कर रहे थे।

द्वारका में एक्सपायर्ड फूड का रैकेट

Fake toothpaste Delhi raid

वहीं, द्वारका के बामनोली गांव में पुलिस ने एक और बड़ा रैकेट बेनकाब किया। यहां तीन लोगों – कमल मुद्गिल (56), शिवम सिंह (27) और लोकेश कुमार (35) को गिरफ्तार किया गया 

ये लोग बाजार से एक्सपायर्ड या नजदीक-एक्सपायरी सॉफ्ट ड्रिंक्स और बिस्कुट खरीदते थे। इसके बाद केमिकल थिनर का इस्तेमाल कर असली एक्सपायरी डेट को मिटाते थे और नई डेट प्रिंट करके उन्हें फिर से बेचते थे । पुलिस ने 3,096 कैन सॉफ्ट ड्रिंक्स और बड़ी मात्रा में बिस्कुट जब्त किए 

Fake toothpaste Delhi raid: कितना सामान बरामद हुआ?

Fake toothpaste Delhi raid में पुलिस ने भारी मात्रा में सामान जब्त किया।

जब्त सामानमात्रा
भरी हुई नकली टूथपेस्ट ट्यूब1,800 से अधिक
खाली ट्यूब (पैकेजिंग सहित)10,000 से अधिक
पैक्ड ट्यूब1,200 से अधिक
ब्लू कलर पेस्टलगभग 130 किलोग्राम 
केमिकल के ड्रम
सॉफ्ट ड्रिंक के कैन3,096 

Fake toothpaste Delhi raid: स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा

Fake toothpaste Delhi raid में बरामद किए गए उत्पादों को बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों (unhygienic conditions) में बनाया जा रहा था, जिससे ये उपयोग के लिए पूरी तरह अयोग्य थे 

क्या-क्या हो सकते हैं नुकसान?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नकली और अस्वच्छ प्रोडक्ट्स से:

  • मुंह और दांतों में संक्रमण
  • एलर्जी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं
  • बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर हो सकता है

एक स्थानीय पर्यवेक्षक ने इस तरह के नकली उत्पादों को “जहर” तक करार दिया है । एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट में इंफेक्शन और लंबे समय में गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

Fake toothpaste Delhi raid: पुलिस की कार्रवाई

Fake toothpaste Delhi raid के बाद पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है 

गिरफ्तार आरोपी

  • हरि ओम मिश्रा (58) – कंजावला फैक्ट्री का मालिक 
  • कमल मुद्गिल (56) – द्वारका रैकेट का मास्टरमाइंड 
  • शिवम सिंह (27) – द्वारका में काम करने वाला 
  • लोकेश कुमार (35) – द्वारका में काम करने वाला 

FSSAI की जांच

पुलिस ने घटनास्थल पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अधिकारियों को बुलाया, जिन्होंने लाइसेंस की जांच की और सैंपल लिए । मामले में आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है 

Fake toothpaste Delhi raid: नकली टूथपेस्ट की पहचान कैसे करें?

Fake toothpaste Delhi raid के बाद यह जानना और भी जरूरी हो गया है कि आप नकली प्रोडक्ट्स की पहचान कैसे कर सकते हैं 

पैकेजिंग जांचें

हमेशा टूथपेस्ट के डिब्बे के निचले हिस्से का निरीक्षण करें। कोलगेट जैसे ब्रांड्स के लिए, “Distributed by Colgate-Palmolive” जैसी स्पेलिंग साफ और सही होनी चाहिए। नकली प्रोडक्ट्स में अक्सर स्पेलिंग मिस्टेक, खराब प्रिंट क्वालिटी या निर्माता की जानकारी गायब होती है 

बारकोड चेक करें

बारकोड स्कैन करें। कोलगेट टूथपेस्ट के लिए बारकोड 35000 से शुरू होना चाहिए । नकली ट्यूबों में अक्सर रैंडम या गलत बारकोड होते हैं।

प्रिंटिंग क्वालिटी और एक्सपायरी डेट

नकली ट्यूबों और डिब्बों में अक्सर स्पेलिंग मिस्टेक या खराब क्वालिटी की प्रिंटिंग होती है । एक्सपायरी डेट और बैच नंबर की प्रिंटिंग पर ध्यान दें। धुंधली, असमान या गलत स्पेलिंग वाली प्रिंटिंग नकली होने का संकेत है।

कहां से खरीदें?

टूथपेस्ट हमेशा प्रतिष्ठित स्टोर, फार्मेसी या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदें। स्ट्रीट वेंडर्स या अनवेरिफाइड ऑनलाइन सेलर्स से बेहद सस्ते डील से बचें 

कलर कोड का भ्रम न पालें

कई लोग ट्यूब के नीचे के कलर स्क्वायर (ग्रीन = नेचुरल, ब्लैक = केमिकल) को लेकर भ्रमित होते हैं। यह पूरी तरह गलत है! यह रंग सिर्फ एक “आई मार्क” है, जिसे मशीनें ट्यूब को काटने और सील करने के लिए इस्तेमाल करती हैं । इसका टूथपेस्ट की क्वालिटी से कोई लेना-देना नहीं है।

Fake toothpaste Delhi raid: निष्कर्ष

Fake toothpaste Delhi raid ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नकली उत्पादों का काला धंधा कितना बड़ा और खतरनाक है। कंजावला और द्वारका में पकड़े गए ये रैकेट सिर्फ टूथपेस्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों तक फैले हुए हैं । यह सिर्फ नकली प्रोडक्ट का नहीं, बल्कि लोगों की सेहत और भरोसे के साथ धोखा है। ऐसे रैकेट्स पर सख्त कार्रवाई और उपभोक्ताओं की जागरूकता बेहद जरूरी है। अगली बार कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय पैकेजिंग, सील और डेट जरूर जांचें।

यह भी पढ़ें- 

महंगी गैस और बेरोजगारी का डबल झटका: मजदूरों का शहरों से पलायन तेज

महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here