Government Assures Stable LPG Supply Amid Geopolitical Tensions, No Shortage Expected
नई दिल्ली – टीम अबुआ
देश में बढ़ते वैश्विक तनाव (Geopolitical Tensions) के बीच एलपीजी (LPG) सप्लाई को लेकर उठ रही आशंकाओं पर सरकार ने बड़ा बयान दिया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने साफ तौर पर कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

युद्ध से सप्लाई पर असर, लेकिन संकट नहीं
सुजाता शर्मा के मुताबिक, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से एलपीजी सप्लाई चेन पर कुछ असर जरूर पड़ा है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि कई कार्गो पहले से ही रास्ते में हैं और जल्द ही भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे सप्लाई और मजबूत होगी। “बहुत सारे कार्गो लाइन में लगे हैं, इसलिए किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है,” उन्होंने कहा।
पैनिक बुकिंग से बढ़ी चिंता
सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि हाल के दिनों में कुछ जगहों पर पैनिक बुकिंग (घबराहट में ज्यादा सिलेंडर बुक करना) देखने को मिली है। हालांकि, इसका वास्तविक सप्लाई पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। “हमने कल कुछ पैनिक बुकिंग देखी, लेकिन डिलीवरी पूरी तरह सामान्य रही,” सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया। इसका मतलब साफ है कि घबराहट में बुकिंग करने की बजाय सामान्य प्रक्रिया अपनाना ही बेहतर है।
डिलीवरी और स्टॉक दोनों मजबूत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- देशभर में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है
- सभी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर ड्राई आउट (स्टॉक खत्म) की कोई खबर नहीं
- डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रहा है , इससे यह संकेत मिलता है कि सप्लाई चेन मजबूत है और लॉजिस्टिक्स में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है।
पेट्रोल-डीजल पर भी राहत
केवल LPG ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने राहत भरी खबर दी है। देश में पेट्रोल और डीज़ल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है कहीं भी फ्यूल शॉर्टेज जैसी स्थिति नहीं है, यानी ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और आम जनता — सभी के लिए ईंधन सप्लाई स्थिर है।

PNG सप्लाई 100% सामान्य
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई भी पूरी तरह सामान्य है।
- PNG सप्लाई 100% जारी
- शहरी इलाकों में गैस कनेक्शन पर कोई असर नहीं
यह खास तौर पर महानगरों और स्मार्ट सिटी क्षेत्रों के लिए राहत की बात है।
क्या है असली वजह?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव — खासकर मिडिल ईस्ट और अन्य ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में — सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन भारत ने पहले से ही डाइवर्स सोर्सिंग और स्टोरेज मैनेजमेंट के जरिए स्थिति को नियंत्रित रखा है।
क्या करें उपभोक्ता?
सरकार ने लोगों से अपील की है:
- घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करें
- सामान्य उपयोग के अनुसार ही गैस लें
- अफवाहों पर ध्यान न दें । इससे सप्लाई सिस्टम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।
समाधान पर विचार
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।



