
🌍 अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट
ईरान के साथ अमेरिका और इज़राइल के बढ़ते सैन्य टकराव के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट (Hormuz Strait) अब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा संकट बनता जा रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अपने रास्ते से गुजरने देता है।
मौजूदा तनाव के कारण इस अहम जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं।
कुछ ही समय पहले तक वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 68–70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था, लेकिन युद्ध की आशंका और सप्लाई बाधित होने के डर से कीमतों में तेज उछाल आ गया है।

क्या है होर्मुज़ स्ट्रेट का महत्व?
होर्मुज़ स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
- दुनिया के करीब 20% तेल का समुद्री व्यापार इसी रास्ते से होता है।
- सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर और यूएई जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का तेल इसी रास्ते से वैश्विक बाजार में पहुंचता है।
यही वजह है कि इस मार्ग पर किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
🇺🇸 ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका “हर हाल में होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला रखेगा”।
उन्होंने दुनिया के कई देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर इस जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
🇮🇷 ईरान का जवाब
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह सिर्फ “दुश्मन देशों के जहाजों” के लिए बंद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य ताकत में अमेरिका और इज़राइल से कमजोर होने के कारण ईरान ऊर्जा सप्लाई को निशाना बनाकर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।
🇮🇳 भारत के लिए राहत की खबर
इस बीच भारत सरकार ने बताया है कि दो जहाज़ — ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ — एलपीजी लेकर होर्मुज़ स्ट्रेट पार कर चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं।
यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि देश में कई जगह एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता की खबरें सामने आ रही थीं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो:
- कई देशों में ईंधन संकट गहरा सकता है
- वैश्विक महंगाई तेजी से बढ़ सकती है
- दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा सकती है
अमेरिका में भी पेट्रोल पंपों पर कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं, जिसके चलते राष्ट्रपति ट्रंप को घरेलू स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषण
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की रणनीति यह है कि ऊर्जा सप्लाई बाधित कर वैश्विक बाजार को अस्थिर किया जाए, ताकि अमेरिका पर युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़े।
अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो होर्मुज़ स्ट्रेट सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आर्थिक संकट का कारण बन सकता है।

