
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट को लेकर NATO देशों को कड़ी चेतावनी दी है।
ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका के सहयोगी देश और चीन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद नहीं करते, तो NATO का भविष्य “बहुत खराब” हो सकता है। फिलहाल किसी भी देश ने इस इलाके में युद्धपोत भेजने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

इसी बीच इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ “सीमित और लक्षित” जमीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
बताया जा रहा है कि बेरूत के उपनगरों में जोरदार हवाई हमले किए गए, जिससे कई जगहों पर धुएं के गुबार उठते देखे गए।
दूसरी ओर ईरान की राजधानी तेहरान में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद शहर के कई हिस्सों में धुआं उठता देखा गया।
वहीं अबू धाबी में एक वाहन पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
कच्चे तेल की कीमतें जुलाई 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।
स्थिति को देखते हुए यूरोपीय संघ (EU) के ऊर्जा मंत्री आज बैठक कर रहे हैं, जिसमें बढ़ती ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों पर चर्चा होगी।
क्यों अहम है हॉर्मुज जलडमरूमध्य?
- दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।
- यह फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
- यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।



